90s के बच्चों की दुनिया सिर्फ गिल्ली-डंडा और होमवर्क तक सीमित नहीं थी। जैसे ही घड़ी टीवी टाइम का इशारा करती, पूरा घर रिमोट के आसपास जमा हो जाता। उस दौर में कार्टून तो हिट थे ही, लेकिन कुछ लाइव-एक्शन चिल्ड्रन शोज ने भी बच्चों के दिलों पर खास जगह बना ली थी। इन्हीं में से एक था ‘चाचा चौधरी’, एक ऐसा शो जिसने एंटरटेनमेंट के साथ दिमाग चलाने की कला भी सिखाई। 2000 के दशक की शुरुआत में आया यह शो बच्चों के लिए बिल्कुल अलग अनुभव लेकर आया। यहां सुपरपावर नहीं, बल्कि तेज दिमाग असली ताकत था। कम किरदार, सीधी कहानी और हर एपिसोड में नई समस्या, सस्पेंस और कॉमेडी के साथ उसका सॉल्यूशन, यही इसकी खासियत थी।
कॉमिक्स के पन्नों से निकलकर यह किरदार पहली बार छोटे पर्दे पर इतने जीवंत अंदाज में नजर आया कि बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई इसका फैन बन गया। इस आइकॉनिक किरदार को जन्म दिया मशहूर कार्टूनिस्ट प्राण कुमार शर्मा ने। उन्होंने ‘चाचा चौधरी’ और साबू को पहले कॉमिक्स में उतारा, जहां ये किरदार घर-घर में लोकप्रिय हो गए। 13 मई 2002 को चाचा चौधरी का प्रसारण सहारा वन पर शुरू हुआ। करीब एक साल तक यह शो बच्चों के बीच जबरदस्त हिट रहा और 2003 तक टीवी पर छाया रहा।
इस शो में चाचा चौधरी का रोल निभाया था शानदार अभिनेता रघुबीर यादव ने, जिन्होंने अपने सहज अभिनय से इस किरदार को जीवंत बना दिया। साबू के किरदार में प्रवीण कुमार नजर आए। इसके अलावा माधुरी संजीव, जाहिदा परवीन और कवि कुमार आजाद जैसे कलाकारों ने भी शो को मजबूत बनाया।
यह एक मल्टी-कैमरा लाइव-एक्शन ड्रामा था, जिसके दो सीजन और कुल 415 एपिसोड आए। हर कहानी में एक नई समस्या होती, जिसे चाचा चौधरी अपनी तेज बुद्धि से सुलझाते। वहीं, जब जरूरत पड़ती तो साबू अपनी ताकत से विलेन को सबक सिखाता। इस शो ने बच्चों को यह सिखाया कि हर मुश्किल का हल ताकत से नहीं, बल्कि समझदारी से निकाला जा सकता है। इस टीवी शो को IMDb पर 7.8 की रेटिंग मिली है। आज भले ही टीवी पर सैकड़ों नए शोज आ गए हों, लेकिन ‘चाचा चौधरी’ का नाम सुनते ही 90s और 2000s के बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। यह सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि बचपन की खूबसूरत याद है।
ये भी पढ़ें: विजय से पहले रश्मिका की लाइफ में आया था फेमस स्टार, पहली फिल्म के सेट पर परवान चढ़ा प्यार, सगाई के बाद टूटा रिश्ता
होली से पहले OTT पर धमाका, फरवरी का आखिरी हफ्ता होगा गुलजार, बड़ी फिल्में-सीरीज की लगी लाइन
संपादक की पसंद